Bhojpuri me ashlilta kb khatam hogi


 Bhojpuri me ashlilta kb khatam hogi

विकिपीडिया के मुताबिक 51 मिलियन लोग भोपुरी भाषा बोलते है लेकिन भोजपुरी गानों और फिल्मों को करीब करीब 80 मिलियन से भी ज्यादा लोग देखते सुनते है विदेश में भी ( फिजी, गुयाना, मॉरिशस ..) भोजपुरी को अच्छा खासा बोला और सुना जाता है। इतना वाइड रेंज में बोले एंड सुने जानी वाली भाषा की हमसेशा अश्लील नज़रो से ही देखा जाता है।और इसका कारन भी भोजपुरी बोलने/ सुनने  वाले लोग  ही है। हर भाषा की वर्ल्ड वाइड पहचान उसके गीत संगीत से होती है और भोजपुरी भाषा में जो भी गाने बनते है उनमें से 95% गाने अश्लील होते है

भोजपुरी गाने अश्लील होने की वजह से आप लोग ये मत सोचना कि इनको पसंद नहीं किया जाता आप YOUTUBE पर जा के सर्च कीजिये जो गाना जितना अश्लील होगा उसपर उतना ही ज्यादा VIEWS होगा जब लोग इतना पसंद करते है इन गानों,  को तो Singers गाते भी है ऐसे ही गानों को

मै खुद भोजपुरी भाषा का ही हो , इसलिए आपको बता पा रहा हु की भोजपुरी गाने तो लोग सुनते है पर छुप छुप के भक्ति गीत (Devotional song) को छोड़ दिया जाय तो भोजपुरी का कोई भी गाना लोग अपने फॅमिली या रिलेटिव के साथ नहीं सुन सकतेलेकिन वही सब अकेले अकेले खूब पसंद करते है ऐसे गानों को. (Mai bhi 😁)

ऐसा महसूस होता है कि गाना नही पोर्न देख रहे हैछुप छुप के. Audios गाने जितने अश्लील होते है इनके Videos उठते ही ज्यादा भड़काऊ होते है. बदन दिखाने की होड़ लगी रहती भोजपुरी गानों में

ऐसा नही है की इन गानों का विरोध नहीं हुआ, पब्लिक ने बहुत विरोध दिखाया है इनके प्रति लेकिन उसका कोई खास असर नहीं हुआ हैइसका एक मात्र कारण यही है की ऐसे गाने खूब चलते है मार्किट में सिंगर्स के लिए ऐसे गाने कमाई का एक महत्त्वपूर्ण स्रोत है

 

(Image source- Google)



(Image source- Google)
 
ऐसे कई सामाजिक संगठन अलग अलग जगहों पर ऐसे अपना विरोध प्रकट करते रहते है, लेकिन इनका असर अभी तक उतना नहीं दिखा है जितना दिखना चाहिए
अपना विरोध प्रकट करने में महिलाएं भी पीछे नहीं है वो भी समय समय पर अपना विरोध प्रकट करती रहती है
 

इन गानों में खास तौर पर लड़कियों आवर महिलाओ को ही टारगेट किया जाता है. 99% गाने (
भक्ति गीत को छोड़ कर) सिर्फ और सिर्फ Females पर ही होता है. चाहे वो भाभी हो, गर्लफ्रेंड , ननद , चची , सास, बहू हो....

किसी न किसी एक रिलेशन को पकड़ के उन पर गाना गा देते है, बिना ये सोचे कि इसका समाज पर क्या असर पड़ेगा. देवर-भाभी, भाभी-ननद, सास-बहु ऐसे पवित्र रिश्तों को  तो इन गानों ने एक दम बर्बाद कर दिया है.

अगर इन गानों की माने तो एक देवर बस इसी ताक में रहता है की कब उसको भाभी पर चांस मारने का मौका मिले. एक ससुर भी बस ईसिस ताक में रहता है की कब उसको बहू पर चांस करने का मौका मिले.


To be continue...